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Wednesday, October 17, 2012

सैफ-करीना के परिणय से युवा वर्ग उत्साहित

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सिने अभिनेता सैफ अली खान एवं अभिनेत्री करीना कपूर मंगलवार को परिणय सूत्र में बंध गए। इसको लेकर तीर्थनगरी के युवाओं में भी उत्साह देखने को मिला और सभी ने इस नई दंपत्ती को बेहतर भविष्य की शुभकामनाएं दी।
लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सिने अभिनेता सैफ अली खान और अभिनेत्री करीना कपूर ने सात फेरे ले लिए। तीर्थनगरी के युवाओं ने भी इस परिणय पर बेबाकी से अपने विचार रखे और इसे प्रेम की जीत बताया। एमबीए की छात्रा भावना ने जोड़े को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि काफी लंबे अंतराल के बाद आखिरकार दोनों विवाह बंधन में बंध गए। यह सैफ एवं करीना के प्रशंसकों के लिए एक बेहतरीन तोहफा है। वहीं कौशल बिजल्वाण का कहना है कि दोनों का प्यार परवान चढ़ा और वह शादी के पवित्र बंधन में बंध गया यह बड़ी बात है।
अलग-अलग समुदाय व धर्म से होने के बावजूद दोनों का मिलन समाज को एक सकारात्मक संदेश देता है। वहीं हितेश पंत का मानना है कि करीना यदि किसी हमउम्र को अपना जीवनसाथी चुनती तो शायद बेहतर होता परंतु उनका यह भी मानना है कि इस शादी में प्रेम की जीत हुई है। वहीं आवास विकास निवासी सौरभ कुमार सिंह करीना कपूर के बड़े फैन हैं और कहते हैं कि सैफ और करीना अभिनय के क्षेत्र से जुडे़ हैं इसलिए वह एक दूसरे की कठिनाइयों को आसानी से समझ सकते हैं। उन्होंने सैफ-करीना को सुनहरे भविष्य की शुभकामनाएं दी।
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एक सिलेंडर के लिए चुकाने पड़ते हैं सात सौ

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धारचूला : नारायणआश्रम क्षेत्र में रसोई गैस सिलेंडरों का वितरण केंद्र नहीं है। इसके चलते उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए 66 किमी दूर धारचूला पहुंचना पड़ता है। ऐसे में चार रुपये कीमत के गैस सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं को तीन सौ से अधिक की धनराशि भाड़े पर में खर्च करनी पड़ती है।
इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक को सौंपे ज्ञापन में सोसा के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य खुशाल सिंह गर्खाल सहित तमाम क्षेत्रवासियों ने कहा है कि चौदांस क्षेत्र में सभी ग्रामीणों के पास रसोई गैस के संयोजन हैं। लेकिन वितरण केन्द्र नहीं होने से उन्हें 66 किमी दूर धारचूला पहुंचना पड़ता है। ऐसे में आने-जाने और सिलेंडर के भाड़े में सिलेंडर की कीमत से भी अधिक की धनराशि खर्च हो जाती है। उनका कहना है कि नारायण आश्रम तक यातायात की सुविधा है। बावजूद इसके गैस विभाग द्वारा वहां पर सिलेंडरों के वितरण की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
क्षेत्रवासियों ने क्षेत्रीय विधायक से रसोई गैस सिलेंडरों के वितरण की व्यवस्था क्षेत्र में ही करने को लेकर गैस विभाग को निर्देशित करने की मांग की है। क्षेत्र की जनता का कहना है कि यदि अगले माह से यह व्यवस्था लागू नहीं की गई तो उन्हें गैस विभाग के खिलाफ आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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पर्यटकों की चहलकदमी से पर्यटन स्थल गुलजार

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उत्तरकाशी : विदेशी पर्यटकों की आमद बढ़ने से जिला मुख्यालय समेत आस पास के पर्यटक स्थल इन दिनों गुलजार होने लगे हैं। मौसम अगर खुशनुमा बना रहा तो आने वाले समय पर्यटकों की संख्या में काफी इजाफा हो सकता है।
असी गंगा और भागीरथी की प्रलयकारी बाढ़ व आपदा के बाद चौपट हुए पर्यटन व्यवसाय की फीकी पड़ी रौनक धीरे-धीरे लौटने लगी है। जनपद में अगस्त माह में आई बाढ़ की विभीषिका के बाद से ही दयारा बुग्याल, हर्षिल, कुशकल्याण, नचीकेता ताल जैसे पर्यटक स्थलों पर देशी व विदेशी पर्यटकों की आवाजाही पर विराम लगने से सूने पड़ गए थे, लेकिन सितंबर और अक्टूबर माह में स्थिति सामान्य होने तथा खुशनुमा मौसम होने के कारण सबसे ज्यादा रुख विदेश सैलानियों ने इन्हीं पर्यटक स्थलों पर रहा। हालांकि इसमें देशी पर्यटकों की संख्या खास नहीं रही। इन स्थलों में पर्यटकों की चहलकदमी बढ़ी तो जिला मुख्यालय समेत आस-पास के छोटे बड़े कस्बों में पर्यटन व्यवसायी से जुड़े लोगों के चेहरे खिले खिले नजर आ रहे हैं। पर्यटन व्यवसाय से जुड़े आमोद पंवार व राकेश घलवान ने बताया कि बाढ़ व आपदा आने से पर्यटन के कारोबार काफी प्रभावित हुआ है। अगर मौसम का मिजाज ऐसा ही रहा तो आगामी माह में देशी-विदेशी पर्यटकों के काफी बड़ी संख्या आने की संभावनाएं बनी हुई है।
बीते तीन माह में आये विदेशी पर्यटक
अगस्त- 32
सितंबर- 363
अक्टूबर- 170
आपदा से जनपद का पर्यटन क्षेत्र काफी प्रभावित हुआ, लेकिन अब हालात सामान्य हो गये हैं। उम्मीद है कि आने वाले दो महीने विदेशी पर्यटकों की आमद और बढ़ेगी।
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सकारात्मक सोच से ही जीवन में ऊर्जा

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श्रीनगर गढ़वाल: गढ़वाल विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र समाज कार्य विभाग और पर्वतीय विकास शोध केंद्र के तत्वावधान में आयोजित आदिति स्मृति व्याख्यान माला के दूसरे दिन मंगलवार को स्लाइड शो के माध्यम से वक्ताओं ने मानव जीवन और बाय मैथमैटिक्स पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बड़े उद्देश्य के साथ जीवन में ऊंचा लक्ष्य भी निर्धारित करना चाहिए। इसी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लगन और निरंतरता के साथ जब हम विशेषज्ञता हासिल करते हैं तो जीवन में सफल हो जाते हैं।
विवि गणित विभाग के प्रो. डीएस नेगी ने बतौर मुख्य वक्ता कहा कि जीवन में हमेशा सकारात्मक सोच होनी चाहिए। ऐसी सोच से ही जीवन में ऊर्जा भी मिलती है और यही ऊर्जा अच्छे कार्यो के लिए हमें आगे बढ़ाती है। बाय मैथमैटिक्स के सिद्धांत की व्याख्या करते हुए प्रो. नेगी ने कहा कि हमारे अंदर एकाग्रता और विश्लेषण करने की क्षमता होनी चाहिए। हर व्यक्ति के अंदर पर्याप्त क्षमताएं और गुण भी होते हैं जरूरत उन्हें पहचान कर तराशने की है। गढ़वाल विवि समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष और स्कूल ऑफ सोशियल साइंस के डीन प्रो. जेपी पचौरी ने कहा कि एक व्यक्ति और एक विचार से ही दुनिया बदली जा सकती है। छात्र जीवन से ही समाज के बने नियमों के आधार पर हमें अनुशासित रूप से कार्य करने की आदत डालनी चाहिए। पर्वतीय विकास शोध केन्द्र के नोडल अधिकारी डॉ. अरविंद दरमोड़ा, डॉ. किरण डंगवाल, डॉ. जेपी भट्ट, डॉ. उमा बहुगुणा, डॉ. ज्योति गैरोला, डॉ. शिखा श्रीवास्तव ने भी विचार व्यक्त किए।
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Friday, October 12, 2012

रंगारंग कार्यक्रमों ने मोहा मन

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पौड़ी: रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ केंद्रीय विद्यालय का वार्षिकोत्सव सम्पन्न हो गया। इस अवसर पर विभिन्न गतिविधियों में विद्यालय का नाम रोशन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया गया।
गुरुवार को पेक्षागृह पौड़ी में मुख्य विकास अधिकारी दीपेंद्र चौधरी ने बतौर मुख्य अतिथि दीप प्रज्वलित कर वार्षिकोत्सव समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी शिक्षकों से छात्रों के पूर्ण विकास के लिए कार्य करने का अह्वान किया। समारोह का शुभारंभ नन्हें छात्रों ने सरस्वती वंदना व स्वागत गीत से की। इसके पश्चात छात्राओं ने एक के बाद एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोहा। छात्रों ने कव्वाली, लोकनृत्य, लोकगीत, हिन्दी व पंजाबी गानें प्रस्तुत कर जमकर वाहवाही लूटी। विद्यालय की प्रधानाचार्या दुर्गा राणा ने विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में विद्यालय का नाम रोशन करने वाले छात्र-छात्राओं को मेडल व प्रमाण पत्र देकर मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। समारोह में लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी, गणेश खुगशाल, अनिल बिष्ट, तारा जोशी, पुष्पलता आर्य, डा. ए प्रसाद, कुसुम ढ़ौढि़याल, डीके पटेल समेत विद्यालय के छात्र-छात्राऐं व अभिभावक उपस्थित थे
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किसानों को कंपनियां देंगी एडवांस

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श्रीनगर गढ़वाल : जड़ी बूटी उत्पादन को लेकर डाबर, हर्षा, हर्बल सहित अन्य कंपनियां भी क्षेत्र के जड़ी बूटी उत्पादक किसानों को एडवांस में धन देने के लिए भी तैयार हैं। गढ़वाल विवि के हैप्रिक संस्थान के जड़ी बूटी ग्राम घेस में आयोजित कार्यशाला में शामिल हुए कंपनियों के प्रतिनिधियों ने यह बात कही।
उत्पादित जड़ी बूटी विशेषकर कुटकी और जटामासी की खरीद के लिए त्रिपक्षीय समझौता करने का भी निर्णय लिया गया, जिसमें इस साल के लिए कुटकी की कीमत 550 रुपयै प्रतिकिलो तय हुई। हैप्रेक के वैज्ञानिक डॉ. विजयकांत पुरोहित जड़ी बूटी कृषिकरण और विपणन नेटवर्किंग का समन्वय करें। गढ़वाल विवि के उच्च शिखरीय पादप कार्यकी शोध केंद्र (हैप्रेक संस्थान) की कार्यशाला में जड़ी बूटी कृषिकरण से जुड़े किसानों की परेशानियों पर भी विचार किया गया। हैप्रेक संस्थान के निदेशक प्रो. एमसी नौटियाल ने कहा कि जड़ी बूटी उत्पादन के लिए संस्थान किसानों की हर संभव तकनीकी मदद करेगा। हैप्रेक के पूर्व निदेशक प्रो. एआर नौटियाल ने कहा कि कंपनियों के किसानों को एडवांस देने से जड़ी बूटी कृषिकरण को काफी बढ़ावा मिलेगा। घेस के किसान कैप्टन केशर सिंह बिष्ट ने कहा कि क्षेत्र में दो सौ किसान कुठकी, आर्चा का उत्पादन कर रहे हैं।
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गैरसैंण में प्रस्तावित कैबिनेट बैठक को प्रशासन हरकत में

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गैरसैंण: राज्यस्थापना दिवस पर गैरसैंण में प्रस्तावित कैबिनेट बैठक को लेकर शासन-प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। इस सिलसिले में तहसील सभागार में उपजिलाधिकारी गैरसैंण की अध्यक्षता में हुई बैठक में व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गयी।
उपजिलाधिकारी गैरसैंण केएस नेगी की ओर से हेलीपेड निर्माण तथा स्थानीय ज्वलंत समस्याओं के संबंध में जनप्रतिनिधियों से राय मांगी गयी, साथ ही क्षेत्र में कानून व्यवस्था व मोटर मार्गो की स्थिति का भी आंकलन किया गया। इस मौके पर जनप्रतिनिधियों ने गैरसैंण को जिला बनाने की मांग को वरीयता देने की बात रखी जिसपर एसडीएम ने मांग के औचित्य पर सवाल उठाये तथा कहा कि जिले की मांग किये जाने पर प्रदेश के कई स्थानों से यह मांग उठायी जाना स्वाभाविक होगी। इस पर जनप्रतिनिधियों सुरेश कुमार बिष्ट, बृजलाल शाह, पूरन सिह नेगी ने गैरसैंण को चखुटिया, थलीसैंण, कर्णप्रयाग, नारायणबगड़ को शामिल कर जिले की संभावनाओं पर रायशुमारी की बात रखी। समस्याओं पर वार्ता के बाद उपजिलाधिकारी गैरसैंण जनप्रतिनिधियों के साथ हेलीपैड बनाये जाने के संभावित स्थलों सलियाणा बैंड पहुंचे जहां लोनिवि अभियंताओं को आवश्यक निर्देश दिये गये।
प्रशासन की तैयारियों से यह महसूस हो रहा है कि नौ नवंबर को गैरसैंण में कैबिनेट बैठक होना लगभग तय है लेकिन राज्यस्थापना दिवस होने के कारण जनसामान्य में इसे लेकर शंका भी हैं।
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लोकगीत व लोकनृत्यों ने किया मंत्रमुग्ध

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कर्णप्रयाग: गोमतीप्रयाग जनकल्याण परिषद भकुंडा का वार्षिक अधिवेशन रंगारंग कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर संस्था की ओर से संचालित विकासीय कार्यक्रमों की जानकारी लोगों को दी गयी।
अधिवेशन के मुख्य अतिथि विधायक कर्णप्रयाग डॉ.एपी मैखुरी ने कहा कि सरकार की विकासीय योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने में स्वैच्छिक संस्थाओं का योगदान है और इसके लिए विभाग व संस्था के आपस में सामंजस्य से ही पात्र लोगों को इसका लाभ मिल सकता है। इस अवसर पर संस्था महासचिव एसपी बहुगुणा ने कहा कि संस्था की ओर से असेवित गांवों में आंगनबाड़ी, आपदा प्रबंधन व रोजगारपरक योजनाओं के लिए लोगों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। कार्यक्रम में संस्था का वर्षभर का लेखा-जोखा भी रखा गया। इस अवसर पर स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने लोकगीत व लोकनृत्य प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में संस्था संस्थापक ची.माधवा, हरि सिंह रावत, गब्बर सिंह, भुवन नौटियाल, संस्था अध्यक्ष मोहन सिंह रावत, गब्बर सिंह नेगी, गोविंद सिंह, शंभू प्रसाद, भगवती पुरोहित, आरसी शर्मा, दीपकृष्णमूर्ति, डॉ.बीएस नादगोडा, रणजीत सिंह आदि उपस्थित थे।
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Saturday, October 6, 2012

उत्तराखंड : मूल निवास पर पलटी राज्य सरकार

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मूल निवास प्रमाण पत्र के मामले में उत्तराखंड सरकार ने उच्च न्यायालय के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दे दी है| सरकार ने यह कदम गुपचुप तरीके से उठाया है. इसको लेकर फिर प्रदेश का राजनीतिक माहौल गरमा गया है. इसका खुलासा करते हुए उत्तराखंड रक्षा मोर्चा ने मुख्यमंत्री पर जनता को गुमराह कर वोट की राजनीति करने का आरोप लगाया है |
उत्तराखंड रक्षा मोर्चा के अध्यक्ष जनरल (रि.) टीपीएस रावत व टिहरी सीट से पार्टी प्रत्याशी कुंवर जपेन्द्र सिंह उत्तराखंडी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि मूल निवास व जाति प्रमाण पत्र के मुद्दे पर प्रदेश सरकार जनता से छल कर रही है | मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा चुनावी सभाओं में मूल निवास के मामले में मैदानी लोगों को गुमराह कर उच्च न्यायालय  के आदेशों का पालन करने की बात कह रहे हैं, जबकि प्रदेश सरकार ने गुपचुप तरीके से गत आठ सितम्बर को हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. कांग्रेस वोटों की राजनीति कर रही है. उन्होंने जनता से अपील की कि वह कांग्रेस के बहकावे में न आए|
जनरल रावत ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश है कि जो लोग 2000 से प्रदेश में निवास कर रहे हैं. वह यहां के मूल निवासी हैं. हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी भी की है कि मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए 50 साल की अर्हता गैरजरूरी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा मूल निवास और जाति प्रमाण पत्र के मामले को वोटों के ध्रुवीकरण के लिए इस्तेमाल करती हैं| पार्टी प्रत्याशी कुंवर जपेन्द्र ने कहा कि मुख्यमंत्री पुत्र मोह में जनता को गुमराह कर रहे हैं. सार्वजनिक तौर पर वह कहते हैं कि मूल निवास के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएंगे, वहीं दूसरी ओर समाज कल्याण विभाग के अतिरिक्त सचिव बीआर टम्टा इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट चले गए हैं| हाईकोर्ट ने कहा है कि प्रदेश सरकार चार सप्ताह में मूल निवास और जाति प्रमाण पत्र जारी करे, लेकिन सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई. आठ सितम्बर 2012 को सरकार सर्वोच्च न्यायालय में जनसेवा समिति बनाम उत्तराखंड सरकार मामले में हलफनामा दाखिल कर चुकी है. इसकी सुनवाई 29 अक्टूबर को है. ऐसा नहीं है कि मूल निवास प्रमाण पत्र मामले में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा पहले न खटखटाया हो लेकिन सरकार को मुंह की खानी पड़ी है| 
इस दौरान मोर्चा महामंत्री राजेन्द्र सिंह भण्डारी, चुनाव प्रभारी एसएस कोठियाल, सह प्रभारी राजेन्द्र पंत, महानगर अध्यक्ष योगेन्द्र नेगी, सदस्यता प्रमुख मोहन सिंह रावत, डा. राजेन्द्र प्रसाद गोस्वामी, शीशपाल सिंह असवाल, अिनी मुदगल, करतार सिंह, मौलाना हबीबुर रहमान, मौलाना सुल्तान काजमी, अमर कण्डवाल, राजेन्द्र भट्टकोटी, चौधरी जयवीर सिंह, सीएल भारतीय, प्रीतम कुलवंशी व प्रीतम सिंह नागपाल आदि उपस्थित थे|
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सबसे खर्चीले पूर्व मुख्यमंत्री तिवारी

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सबसे खर्चीले पूर्व मुख्यमंत्री तिवारी
सबसे खर्चीले पूर्व मुख्यमंत्री तिवारी
प्रदेश शासन द्वारा पूर्व मुख्यमंत्रियों को मुहैया कराई सामग्री की कीमत के हिसाब से देखा जाए तो पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी सबसे खर्चीले पूर्व मुख्यमंत्री साबित हो रहे हैं| हालांकि इसमें प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी को उपलब्ध कराई गई सामग्री का विवरण शामिल नहीं है क्योंकि प्रदेश शासन से सूचनाधिकार के जरिए जो जानकारी दी गई है, उसमें उनका विवरण नहीं दिया गया है | सूचना आयोग के दखल के बाद जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक खर्च के हिसाब से एनडी तिवारी पहले, भुवन चंद्र खंडूड़ी दूसरे, रमेश पोखरियाल निशंक तीसरे और भगत सिंह कोश्यारी चौथे नंबर पर हैं.  गौरतलब है कि ओल्ड सव्रे रोड निवासी सुशील खरे ने इसी साल मई में प्रमुख सचिव वित्त के कार्यालय के लोक सूचनाधिकारी से राज्य के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों पर राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सालाना खर्च का ब्योरा मांगा था|
उन्होंने सभी की संपत्ति का विवरण भी मांगा था. लेकिन प्रमुख सचिव वित्त के दफ्तर से उनकी अर्जी यह कहकर लौटा दी गई कि प्रमुख सचिव वित्त कार्यालय लोक सूचनाधिकारी नहीं है. उनकी विभागीय अपील का पत्र भी इस आधार पर लेने से इनकार कर दिया गया कि प्रमुख सचिव वित्त विभागीय अपीलीय अधिकारी नहीं हैं.  शासन के अफसरों के रवैए से निराश होकर सुशील खरे ने राज्य सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया| अब आयोग ने नोटिस भेजा तो वित्त विभाग के लोक सूचनाधिकारी यानी अनुभाग अधिकारी ने इसी जुलाई में मूल अनुरोध पत्र गोपन (मंत्रि परिषद) विभाग के लोक सूचनाधिकारी यानी अनुसचिव को अंतरित कर दिया. आयोग ने कहा कि सूचनाधिकार की अर्जी लौटाना उचित नहीं है और प्रमुख सचिव वित्त को स्पष्टीकरण देने को कहा. गोपन विभाग के अनुसचिव ने भी अर्जी को विधानसभा के लोक सूचनाधिकारी व इरला चैक विभाग उत्तराखंड शासन, राज्य संपत्ति विभाग  व सचिवालय प्रशासन विभाग के लोक सूचनाधिकारियों को अंतरित कर दिया|
विधानसभा के लोक सूचनाधिकारी ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों पर हो रहे खर्च को विस सचिवालय वहन नहीं करता, अलबत्ता सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों की संपत्ति की सूचना उसके पास 22 पृष्ठों में मौजूद है जिसे 44 रुपये जमा कर अपीलार्थी ले सकते हैं. अब राज्य सूचना आयुक्त विनोद नौटियाल ने शासन के इरला चैक विभाग, राज्य संपत्ति विभाग व सचिवालय प्रशासन विभाग के लोक सूचना अधिकारियों पक्षकार बनाते हुए निर्देश दिया कि वह अपीलार्थी को मुख्यमंत्रियों पर हो रहे खर्च का ब्यौरा उपलब्ध कराएं| सूचना आयुक्त विनोद नौटियाल ने प्रमुख सचिव वित्त द्वारा निर्देश के बावजूद स्पष्टीकरण न देने पर नाराजगी भी जताई. इतना ही नहीं राज्य सूचना आयोग के निर्देश के बावजूद प्रमुख सचिव वित्त ने इस मामले में स्पष्टीकरण तक नहीं दिया. बहरहाल अब भी राज्य संपत्ति विभाग ने आधी-अधूरी सूचनाएं ही मुहैया कराई हैं. राज्य सूचना आयुक्त ने इस मामले में मांगी गई सभी सूचनाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं|
       पूर्व मुख्यमंत्री उपलब्ध कराई सामग्री
  • नारायण दत्त तिवारी    33,77,819 रुपये
  • भुवन चंद्र खंडूड़ी    26,51,919 रुपये
  • रमेश पोखरियाल निशंक    19,89,485 रुपये
  • भगत सिंह कोश्यारी    5,75,918  रुपये

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