Movie Download

Ghaur Bati Search

image ad

Chitika

Friday, March 4, 2011

छात्र जीवन इंसान का सर्वश्रेष्ठ काल: हसनेन

http://garhwalbati.blogspot.com
गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंट के कर्नल ऑफ द रेजीमेंट लेफ्टिनेंट जनरल एसए हसनेन ने कहा की इंसान की जिंदगी में छात्र जीवन उसके सर्वश्रेष्ठ दिन होते हैं। उन्होंने छात्रों से सफलता के नए आयाम स्थापित करने का आह्वान किया है।
शुक्रवार को आर्मी पब्लिक स्कूल में ले. जनरल एसए हसनेन ने विद्यालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हर इंसान की जिंदगी में छात्र जीवन के दिन कभी न भूल पाने वाले होते हैं। उन्होंने छात्रों से तनाव से दूर रहकर अपने जीवन में खुशी के नए रंग भरने की बात कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिपेक्ष्य में एपीएस लैंसडौन ने दिन-प्रतिदिन सफलता हासिल कर विद्यालय को एक सम्मानजनक स्थान दिलाया है। उन्होंने इसका श्रेय विद्यालय की प्रधानाचार्य वी. मायाकोटी को दिया। ले. जनरल हसनेन ने उम्मीद जतायी कि विद्यालय के नवनिर्मित भवन से छात्रों को अपेक्षाकृत अधिक लाभ मिलेगा। इसके बाद उन्होंने विद्यालय के हर ब्लॉक का निरीक्षण कर उनके बारे में जानकारी हासिल की। विद्यालय की प्रधानाचार्य वी. मायाकोटी ने कहा कि विद्यालय के नवनिर्मित भवन में 12 कक्षाओं व एक अन्य कक्ष का निर्माण करवाया गया है। इससे स्कूल में शैक्षणिक गतिविधियां बेहतर ढंग से संचालित की जा सकेंगी।
इस मौके पर गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंट सेंटर के ब्रिगेडियर शरत चंद, डिप्टी कमांडेंट कर्नल एसए कृष्णन, ट्रेनिंग बटालियन कमांडर कर्नल एसके नंद कुमार, सेंटर सूबेदार मेजर त्रिलोक सिंह, सूबेदार मेजर एमपी चमोली आदि मौजूद थे।
in.jagran.yahoo.com se sabhar

Thursday, March 3, 2011

किशोरियों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां दीं

http://garhwalbati.blogspot.com
ममता सामाजिक संस्था ने जस्सोवाला में किशोरी स्वास्थ्य मेला आयोजित किया। मेले में किशोरियों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां दी गई।
किशोरी मेले का उद्घाटन कनिष्ठ उप प्रमुख क्षेत्र पंचायत विकासनगर राजकुमारी फरासी ने किया। उन्होंने कहा कि किशोरियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों की विशेष आवश्यकता होती है। किशोरियों को इन कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। ममता संस्था की प्रमुख समन्वयक बीना वालिया ने खून की कमी से होनी वाली बीमारियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किशोरियों को खान-पान की ओर ध्यान देना चाहिए। इस मौके पर किशोरियों के लिए मेहंदी, गायन व नृत्य प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली किशोरियों को पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर ग्राम प्रधान प्रवीण सैनी, हिना कौसर, चंद्रकांता, सुशीला, नीलम, भंवर भट्ट, सत्यावती व मनजीत कौर आदि मौजूद थे। 
in.jagran.yahoo.com se sabhar

बहुमूल्य किगौंड़ा की जड़ों से भरे ट्रक पकड़े, एक लाख जुर्माना

http://garhwalbati.blogspot.com
 पर्वतीय क्षेत्र से बेचने के लिए बहुमूल्य किगौंड़ा (किल्मोड़ा) की जड़ ला रहे चार ट्रकों को वन विभाग ने चौकी पर रोक लिया। रवन्ने में बिक्री का कोई स्पष्ट स्थान व कारण स्पष्ट न होने पर चारों वाहन स्वामियों से एक लाख रुपए जुर्माना वसूल छोड़ दिया गया।
प्रमुख वन संरक्षक को अवैध रूप से लाई जा रही किगौंड़ा जड़ी बूटी की लगातार शिकायतें मिल रही थी। इस पर उन्होंने रामनगर वन प्रभाग को इस पर नजर रखने के निर्देश दिये थे। रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ रवींद्र जुयाल के निर्देश पर वन कर्मियों ने मोहान चौकी पर पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले वाहनों की चैकिंग शुरू की। इस दौरान चार ट्रकों को रोका गया। जिसमें किंगौड़ा की जड़ें मिली। वन कर्मियों द्वारा किंगौड़ा जड़ी बूटी का रवन्ना न दिखाने पर ट्रकों को रोक लिया गया। बाद में माल ले जा रहे लोगों द्वारा वन विभाग को रवन्ना दिखाया गया। डीएफओ श्री जुयाल ने बताया कि यह माल अल्मोड़ा जनपद के ग्राम नेला कपझिला से आ रहा था।
भेषज इकाई संघ द्वारा जो रवन्ने दिये गये थे उन रवन्नों में बिक्री का कोई स्थान न लिखकर केवल वाह्य मंडी लिखा था। जिस पर रामनगर वन प्रभाग ने चारों ट्रकों से 25-25 हजार रुपए जुर्माने के तौर पर वसूल कर उन ट्रकों को छोड़ दिया गया।
in.jagran.yahoo.com se sabhar

हाथी ने कुचल दी 28 करोड़ की परियोजना

http://garhwalbati.blogspot.com
कुमाऊं के विकास के लिए महत्वपूर्ण 28 करोड़ की एक और महत्वाकांक्षी परियोजना हाथी कॉरीडोर की भेंट चढ़ गई है। वर्ष 2006 में स्वीकृत चोरगलिया-टनकपुर मोटर मार्ग के निर्माण पर वन विभाग ने आपत्ति लगा दी है।
प्रभागीय वनाधिकारी हल्द्वानी ने चोरगलिया-टनकपुर मोटर मार्ग को हाथी कॉरीडोर में बाधा बनने की दलील देकर मार्ग निर्माण की उम्मीदों पर ग्रहण लगा दिया है। याद दिला दें कि कांग्रेस शासन में 28 करोड़ की इस परियोजना को स्वीकृति मिली थी। इसके बाद भाजपा सरकार ने भी नये सिरे से इस मार्ग के निर्माण की स्वीकृति दी, लेकिन हाथी कॉरीडोर का मामला फिर भी भारी पड़ा। यदि यह मार्ग बनता तो गौलापार का विकास तो होता ही साथ ही चंपावत व पिथौरागढ़ जिलों की राजधानी देहरादून की दूरी 25 किलोमीटर घट जाती। साथ ही पर्वतीय जिलों के लिए एक और सुगम मार्ग का विकल्प भी खुल जाता। इसके पूर्व निर्माणाधीन मोरनौला-मझौला मार्ग भी हाथी कॉरीडोर की भेंट चढ़ चुका है।
 in.jagran.yahoo.com se sabhar
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...