Movie Download

Ghaur Bati Search

image ad

Chitika

Tuesday, March 1, 2011

विकास के नाम पर 49 हजार से अधिक पेड़ों का सफाया

http://garhwalbati.blogspot.com
सोनिया रावत | पहाडों पर तेजी से बढ़ रहें निर्माण कार्य के लिए वनों पर आरियां चलायी जा रही हैं। विकास  के नाम पर हर वर्ष दस हजार पेड़ काट दिए जाते हैं | गत पांच साल के आंकड़ों को देखें, तो जनपद की पौड़ी, कालागढ़, लैंसडौन व रुद्रप्रयाग रेंज में 49 हजार से अधिक पेड़ों का सफाया हुआ है।
आवासीय भवन, सड़क समेत अन्य सरकारी प्रोजेक्ट पर लगातार पेड़ों का सफाया हो रहा है। वन विभाग की अनुमति के बाद वन विकास निगम को कटान और उठान की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। वन विभाग निगम पेड़ों का छपान कर उन पर आरियां चला देता है। जनपद में पौड़ी, कालागढ़, लैंसडौन व रुद्रप्रयाग रेंज के बड़े भू-भाग पर जंगल स्थित है। कभी पौड़ी में ही घने जंगल हुआ करते थे, लेकिन निर्माण में लाखों की संख्या में पेड़ों का सफाया हुआ और अब पौड़ी के शीर्ष नागदेव, कंडोलिया, क्यूंकालेश्वर क्षेत्र में ही जंगल नजर आता है। राजकीय भवनों, संस्थानों व योजनाओं के लिए पेड़ों का सफाया अभी भी जारी है। पौड़ी की चार रेंज पर नजर डालें, तो वर्ष 2009-10 में पौड़ी रेंज में 6481, कालागढ़ 326, लैंसडौन 259 व रुद्रप्रयाग 330 पेड़ काटे गए, जबकि वर्ष 2010-11 में अब तक पौड़ी रेंज में 1799, कालागढ़ 240, लैंसडौन 348 व रुद्रप्रयाग 850 पेड़ काटे गए। इससे पहले के सालों में भी पेड़ों का सफाया हुआ और पांच सालों में करीब 49 हजार पेड़ काटे गए। पर्यावरण से जुड़े लोग इसे पहाड़ों के लिए खतरनाक करार देते हैं। डॉ. विंतेश्वर बलोदी का कहना है कि इससे पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है और यही वजह भी है कि बरसात का पानी खेतों को भी खत्म कर रहा है।

834.33 लाख रुपये की योजनाओं का लोकार्पण

http://garhwalbati.blogspot.com
सोनिया रावत | बाबूगढ़ मैदान पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने विकासनगर विधानसभा में 846.95 लाख के 19 कार्यो का शिलान्यास व 834.33 लाख रुपये की योजनाओं का लोकार्पण किया। निशंक कहा कि सरकार ने ग्रामीणों की सुविधाओं के लिए हर अटल आदर्श गांव में मिनी बैंक खोलेगी। 

लोनिवि प्रांतीय खंड देहरादून द्वारा मंगलवार को कराए गए ग्राम जमनीपुर, देहरादून पांवटा मार्ग पर ढालीपुर व ग्राम आदूवाला में सीसी रोड निर्माण कार्य, होरावाला बड़वा लांघा मार्ग में जूहा बड़वा से चोपड़ा तक मार्ग निर्माण कार्यो का मुख्यमंत्री ने लोकार्पण किया। सीएम ने लोनिवि अस्थाई खंड साहिया द्वारा तेलपुरा मेहूवाला मार्ग में तेलपुर नहर तक सड़क का चौड़ीकरण व डामरीकरण, बाबूगढ़ में एनएच से सरस्वती विद्या मंदिर, ग्राम एटनबाग में असवाल मोहल्ले में सीसी रोड निर्माण कार्य का लोकार्पण किया। सीएम ने ग्राम पृथ्वीपुर खेड़ा में सीसी रोड, जीवनगढ़ डाकपत्थर रोड का पुर्ननिर्माण, ग्राम चीलियो संपर्क मार्ग डामरीकरण और चिरंजीपुर में पुलिस चौकी के पास से राजन के घर तक सीसी मार्ग निर्माण कार्यो का भी लोकार्पण किया। दैवीय आपदा मद से लोनिवि निर्माण खंड देहरादून द्वारा कराए गए माजरा धर्मावाला मोटर मार्ग के किमी 30 व 35 में क्षतिग्रस्त काजवों का निर्माण, राज्य योजना अंतर्गत लोनिवि साहिया द्वारा कराए गए बरोटीवाला-विकासनगर मार्ग का चौड़ीकरण व उच्चीकरण, साहिया पाटन-समाल्टा-पानुवा मोटर मार्ग का सुधार और डामरीकरण कार्यो आदि का लोकार्पण किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने 19 कायरें का शिलान्यास भी किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष नीरु देवी, चंदनलाल अग्रवाल, नगर पंचायत हरबर्टपुर अध्यक्ष धनदेश उनियाल, ब्लॉक प्रमुख कमला चौहान, विनोद कंडारी व मोहित जैन आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुसूचित जाति के पात्रों के चयन पर संदेह जताया। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर अटल आवास योजना से संबंधित जांच कर एसडीएम को रिपोर्ट सौंपने को कहा है। उन्होंने कहा कि अब इसके चेक सिंचाई मंत्री मातबर ंिसंह कंडारी बांटेंगे।

शैलेश्वर सांस्कृतिक व विकास मेले में उमड़ी लोगों की भीड़

http://garhwalbati.blogspot.com
चांदपुर पट्टी के सिद्धपीठ शैलेश्वर महादेव मंदिर में चार दिवसीय सांस्कृतिक एवं विकास मेले के दूसरे दिन क्षेत्र के कनोठ, नैणी, झुरकंडे, डंग्री, ग्वाड़, जसपुर, खेती, पुनगांव, बिसोणा आदि दूर-दराज गांवों से आयी महिलाओं ने जलकलश के साथ महादेव की झांकी निकाली। साथ ही मंदिर में कीर्तन जागरण के कार्यक्रम चलते रहे। महिला मंगल दल की ओर से प्रस्तुत चौफुला व झुमेला नृत्य भी मेले में आकर्षण का केन्द्र रहा।
इस मौके पर मुख्य अतिथि गैरसैंण ब्लॉक प्रमुख जानकी रावत ने कहा कि मेले हमारी संस्कृति के द्यौत्तक हैं और इससे स्थानीय प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिलता है, वहीं सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से भी लोग रूबरू होते हैं। मेला समिति अध्यक्ष गब्बर सिंह रावत ने शैलेश्वर महादेव के धार्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मेले के माध्यम से स्थानीय कलाकारों को मुख्य धारा से जोड़ना है। कार्यक्रम में मैती संस्था बैनोली की ओर से पर्यावरण संव‌र्द्धन व संरक्षण पर गीत, नाटिका भी प्रस्तुत की गयी, जबकि विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। वहीं मंदिर में चले अखंड रामायण पाठ के बाद सोमवार को श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया, जबकि रूद्री-यज्ञ में ग्रामीण बढ़-चढ़ कर भाग ले रहे हैं। इस मौके पर आयोजन समिति महामंत्री विनोद नेगी, मोहन भंडारी, संजय नेगी, धर्म सिंह, नरेन्द्र सिंह, सुजान सिंह, ऊषा देवी आदि जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
jagran.yahoo.com se sabhar

नजूल लैंड में गरजी जेसीबी, 12 भवन जमींदोज

http://garhwalbati.blogspot.com
शहर की 13 बीघा नजूल भूमि पर अरसे से काबिज अतिक्रमणकारियों पर आखिर जेसीबी गरज ही गई। पुलिस व प्रशासन की मौजूदगी में एक के बाद एक अवैध कब्जे कर खड़े किए गए 12 आवासीय भवन जमींदोज कर दिए गए। कार्रवाई के विरोध में उतरे बसपा नेता व एक अन्य को डपट कर हिरासत में ले लिया। साथ ही अतिक्रमणकारियों की भीड़ को हटाने के लिए पीएसी का भी सहारा लिया गया।
वार्ड-14 इंदिरा नगर के पश्चिम की ओर कंपनी बाग में 13 बीघा नजूल भूमि है। पालिका प्रशासन के अनुसार अरसा पूर्व भू-माफियाओं ने कब्जा कर प्लॉट काट महंगे दामों पर बेच दिए गए। नतीजतन देखते ही देखते सरकारी जमीन करीब 56 परिवारों के कब्जे में आ गई। इनमें 17 ने तो बाकायदा नियम व कानून को ताक पर रख आवासीय भवन भी खड़े कर डाले।
यही नहीं पांच लोगों ने कोर्ट में याचिका दायर कर दी। ये मामले अदालत में लंबित हैं। इधर हरकत में आए प्रशासन ने सोमवार को अतिक्रमण हटाने को अभियान छेड़ दिया। सुबह ही सिटी मजिस्ट्रेट प्रकाश चंद्र, एसडीएम अशोक जोशी, एसपी डॉ.सदानंद दाते, एएसपी जेएस भंडारी, कोतवाल कुलदीप सिंह असवाल, तहसीलदार प्रत्यूष कुमार सिंह, ईओ बीएस ह्यांकी, कर अधीक्षक संजय कुमार व निरीक्षक बिजेंद्र सिंह चौहान पुलिस व पीएसी लेकर अतिक्रमण स्थल पर पहुंचे।
आदेश मिलते ही जेसीबी मशीन से एक व कुछ दोमंजिला भवन भरभरा कर धराशायी कर दिए गए। अचानक हुई कार्रवाई से इंदिरा नगर व कंपनी बाग इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान अवैध कब्जेदार व अभियान दल में शामिल अधिकारियों में नोकझोंक भी हुई। मगर अफसरों के तल्ख तेवरों के आगे विरोध दब गया। इस बीच अभियान की खिलाफत में नारेबाजी करते पहुंचे बसपा नेता रईसउल हसन जेसीबी पर जा चढ़े। अधिकारियों के समझाने पर भी न माने तो पुलिस कर्मियों ने बसपा नेता व एक अन्य को बलपूर्वक नीचे उतार हिरासत में ले लिया। रईसउल को काफी देर नीचे बैठाए रखने के बाद पुलिस उन्हें कोतवाली उठा लाई। हालांकि अभियान खत्म होने के बाद छोड़ दिया गया। इधर, अतिक्रमणकारियों व मजमा लगाए खड़े लोगों को पीएसी ने दौड़ा कर दूर खदेड़ दिया। 
jagran.yahoo.com se sabhar

Monday, February 28, 2011

जिला निर्माण के लिए आंदोलन में तेजी

जिला निर्माण के लिए आंदोलन में तेजी
(सुदर्शन सिंह रावत) नैनीडांडा /धुमाकोट तहसील सभागार में आयोजित जिला संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रौथाण की अध्यक्षता में हुई बैठक, में जिला निर्माण के लिए आंदोलन की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर समिति ने सभी सदस्यों ने सर्बसमति से ज्येष्ठ उपप्रमुख सुरेंद्र सिंह बिष्ट को ब्लाक संघर्ष समिति का महामंत्री चुना गया सभी सदस्यों ने एक जुट होकर संघर्ष तेज करने का एलान किया बैठक में इस शुभ अवसर पर सुदामा जुयाल ने गीत के जरिए संघर्ष के लिए लोगों से आगे आने का आह्वान किया जंगबहादुर नेगी, गोपाल सिंह रावत दीपक रावत, मनवर रावत, रघुवीर नेगी, राजे सिंह उनियाल, वीरेंद्र पटवाल, मनीष सुंद्रियाल, रघुवीर रावत, रतन दास, पृथ्वीपाल पर्णवाल आदि वक्ताओं ने सभी राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों समेत जनता से जिले की मांग के समर्थन में खुलकर आगे आने की अपील की। कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता की आवाज का पूरा सम्मान करना चाहिए। भविष्य में विधानसभा के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने पर भी विचार किया गया। महिपाल, राजेंद्र, हजारी सिंह, महानंद, इंदू चौहान, विजय सिंह, रमेश चंद्र, लोकेश, राकेश, मोहित सहित काफी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद थे।

Sunday, February 27, 2011

संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आएं : खंडूड़ी

http://garhwalbati.blogspot.com
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी ने आधुनिकता की अंधी दौड़ में विलुप्त हो रही उत्तराखंड की संस्कृति को बचाने के लिए सभी से एकजुट होकर आगे आने का आह्वान किया है।
श्री खंडूरी साप्ताहिक पत्रिका 'शैलवाणी' के तत्वावधान में देवी रोड स्थित एक वैडिंग प्वाइंट में आयोजित 'शैलवाणी सम्मान' समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। 'शैलवाणी' की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि शैलवाणी गढ़वाल की संस्कृति को बचाने में अहम भूमिका का निर्वहन कर रही है।
इस मौके पर साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उत्तराखंड भाषा संस्थान के उपनिदेशक साहित्यकार डॉ. नागेंद्र ध्यानी, लोक संस्कृति के क्षेत्र में योगदान के लिए लोकगायक कबूतरी देवी व उद्योग के क्षेत्र में योगदान के लिए उद्योगपति सुरेश चंद्र पांडे को 'शैलवाणी सम्मान' से नवाजा गया। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो.नीरजा जोशी की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में पूर्व काबीना मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, मोहन सिंह रावत 'गांववासी', क्षेत्रीय विधायक शैलेंद्र सिंह रावत, योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष भारत सिंह रावत, पत्रिका के संपादक प्रेम बलोधी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
in.jagran.yahoo.com se sabhar

स्वयंसेवियों को सिखाए आपदा राहत एवं बचाव के गुर

http://garhwalbati.blogspot.com
जिला मुख्यालय के अंतर्गत संस्कृत महाविद्यालय में चल रहे एनएसएस शिविर में स्वयंसेवियों को आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से दैवीय आपदा के दौरान राहत एवं बचाव का प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें घायलों को ले जाने व प्राथमिक उपचार के साथ ही तमाम जानकारियां दी गई।
जिला कार्यालय के सौजन्य से आयोजित आपदा प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कोटेश्वर के महंत शिवानंद गिरी महाराज ने कहा कि पहाड़ में आपदाओं का सबसे अधिक खतरा बना रहता है और सुरक्षा के लिए आम आदमी को जागरूक होना जरूरी है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा कैंतुरा ने कहा कि जिले में लगातार आपदा राहत-बचाव के प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं तथा अब तक कई विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के साथ ही शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया जा चुका है।
वहीं प्रशिक्षण में स्वयंसेवियों को प्रशिक्षक सुरेन्द्र कप्रवाण, अरविंद पंवार व संतोष नौडियाल की ओर से आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यो की जानकारी दी गयी। उन्होंने घायलों के प्राथमिक उपचार, अस्पताल ले जाने, पहाड़ी से घायलों को ऊपर लाने, नदी में बहते हुए लोगों को बचाने सहित अन्य जानकारियां दीं। कार्यक्रम में नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह झिंकवाण, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी भानु प्रकाश देवली सहित अन्य लोग मौजूद थे।
in.jagran.yahoo.com se sabhar

एनसीसी कैडेट्स की भूमिका है महत्वपूर्ण :भट्ट

http://garhwalbati.blogspot.com
एनसीसी की प्रथम उत्तराखंड स्वतंत्र कम्पनी के दस दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के समापन अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमबल्लभ भट्ट ने कहा कि देश की सुरक्षा व सम्प्रभुता को बनाए रखने में एनसीसी के कैड्ेटस महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इस अवसर पर भट्ट ने कहा कि सीमांत जिला चमोली के परिपेक्ष में एनसीसी कैडेट्स की भूमिका इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जिले से दो देशो की सीमा भी लगी हुई है। एनसीसी के कैम्प कमांडेंट कर्नल टीबी राणा सेना मेडल ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान कैडेट््स को एकता और अनुशासन का पालन समेत एक जवान की भांति बहुआयामी प्रशिक्षण भी दिया जाता है। कर्नल राणा ने कहा कि दस दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान ड्रिल परेड, फायरिंग, हथियार चलाना, आपदा प्रबंधन, समाज सेवा व प्राथमिक चिकित्सा आदि की भी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि नवंबर 1962 के बाद पहली बार कम्पनी को दो विशिष्ट उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं, जिनमें सर्वाधिक 16 कैडेट्स ने गणतंत्र दिवस परेड व 1 कैडेटस ज्योतिलता ने स्पेशल राष्ट्रीय एकता शिविर पोर्टब्लेयर में प्रतिभाग किया। दस दिवसीय शिविर के दौरान आयोजित हुई ड्रिल परेड में एल्फा कंपनी ने प्रथम, डेल्टा ने द्वितीय व इको कंपनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वाद-विवाद प्रतियोगिता में हिमांशु पुरोहित ने प्रथम व प्रीति राणा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। ग्रुप डांस व ग्रुप सांग दोनों ही प्रतियोगिताओं में डेल्टा कंपनी ने प्रथम व इको कंपनी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। क्विज प्रतियोगिता के जूनियर डिवीजन बालक वर्ग में सूरज, सुबोध व लव तथा बालिका वर्ग में शिवानी, नेहा व सुनीता जबकि इसी प्रतियोगिता के सीनियर डिवीजन बालक वर्ग में हिमांशु, दिनेश व नवनीत तथा बालिका वर्ग में प्रियंका, मीना व पूजा ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया। शिविर के दौरान कंपनी सीनियर अविनाश बिष्ट, कंपनी टूआईसी धर्मेद्र नेगी व अनूप सजवाण, शुभम खनेड़ा को सर्वश्रेष्ठ कार्यकर्ता चुना गया। शिविर में ले.अड्जूटेंट केएस रावत, ले.आरएस फस्र्वाण, ले.डीएस कुंवर, कैप्टेन जेपी सती, सूबेदार मदनमोहन घिल्डियाल, सीएचएम केशवानंद, हवलदार सर्वेश्वर प्रसाद आदि उपस्थित रहे।
 in.jagran.yahoo.com se sabhar

चंद्रमा में मिली गुफा, चंद्रयान-1 की दूसरी अहम खोज

http://garhwalbati.blogspot.com
चन्द्रमा की सतह के गूढ़ रहस्यों को उजागर करने में देश ने एक और सफलता हासिल की है। चन्द्रयान-1 द्वारा ली गई तस्वीरों के गहन अध्ययन बाद चांद की सतह में छिपी गुफा का पता चला है। वैज्ञानिकों का मानना है कि 1.72 किमी लंबी इस गुफा में अंतरिक्ष स्टेशन के स्थापना संभावना बढ़ गई हैं।
वर्ष 2008 में इसरो ने चन्द्रयान-1 चांद पर भेजा गया था। जिसने चन्द्रमा पर जल की मौजूदगी की खोज करने में सफलता हासिल की। अब मिशन चन्द्रयान-1 की दूसरी सफलता चांद पर लंबी गुफा की खोज के रूप में सामने आई है। भारतीय तारा भौतिकी संस्थान बंग्लूरू के खगोल वैज्ञानिक प्रो.आरसी कपूर के मुताबिक चन्द्रयान-1 की इस खोज को वैज्ञानिक महत्वपूर्ण खोज मान रहे हैं।
मिशन चन्द्रयान-1 में अत्याधुनिक टेर्रेयन मैपिंग कैमरा लगा हुआ था। इस कैमरे द्वारा चांद की सतह की तस्वीरें ली गई। जिनका बारीकी से अध्ययन करने के बाद हाल ही में यह पता चल पाया कि चांद की जमी के 95 मीटर नीचे गुफा मौजूद है। गुफा की लंबाई 1.72 किमी है, जबकि चौड़ाई 360 मीटर है। गुफा चंद्रमा के भूमध्य रेखा के कुछ ऊपर है। यह भूभाग सदा पृथ्वी की ओर रहता है। इस गुफा का नाम 'लावा नली' रखा गया है।
प्रो.कपूर के मुताबिक वैज्ञानिकों का मानना है कि इस गुफा में अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित की जा सकती है क्योंकि चंद्रमा का वातावरण तापमान के लिहाज से कतई उपयुक्त नहीं है। वहां दिन में अधिकतम तापमान 120 डिग्री तो रात में गिरकर -130 डिग्री तक आ जाता है। साथ ही वहां कॉस्मिक किरणें भी हैं। इस वातावरण में वहां काम कर पाना आसान नहीं है। मगर गुफा का तापमान -20 डिग्री सेल्सियस है। इसमें अति शक्तिशाली कॉस्मिक किरणों का भी कोई खतरा नहीं है। ऐसे में भविष्य में चंद्रमा पर चलाए जाने वाले अभियानों को सफल बनाने में यह गुफा मददगार हो सकती है। 
in.jagran.yahoo.com se sabhar 

चौहद साल बाद हुई ऐसी बर्फबारी

http://garhwalbati.blogspot.com
जहां मैदानी इलाकों में दिन में गर्मी सताने लगी है, वहीं चकराता में 15 वर्ष बाद फरवरी के अंत में बर्फबारी ने सबको चौंका दिया है। इस मौसम में चार बार भारी हिमपात और दो बार बर्फ की बौछारें पड़ने से स्थानीय लोगों की जैसे मुंहमांगी मुराद पूरी हो गई है।
सात हजार फीट की ऊंचाई पर बसे पर्यटन स्थल चकराता में फरवरी माह के अंत में पंद्रह साल पहले भारी हिमपात हुआ था। घने जंगलों के बर्फ की चादर ओढ़ने से यहां ऐसा मनोरम दृश्य बन गया है, जिससे नजर नहीं हटाए हटती। चकराता में दिसंबर के अंत में पहला हिमपात और फरवरी माह के अंत में भारी हिमपात ने वाकई लोगों को चौंकाया है, इसकी मुख्य वजह यह है कि पिछले कई वर्षो से ऐसा नहीं हुआ। क्षेत्र के देवबन, मुंडाली, खंडबा, बुधेर, मोइला डांडा के पहाड़ तो कई बार बर्फबारी होने के कारण अभी तक भी दूधिया छटा बिखेर रहे हैं। शरद ऋतु इस बार पूरी तरह से मेहरबान रहेगी, यह बात स्थानीय लोगों को भी अचंभित कर रही है। 26 फरवरी को हुई बर्फबारी पर क्षेत्र के बुजुर्ग काश्तकार नैनसिंह, अर्जुनदत्त जोशी, श्रीचन्द जोशी, गुदूटिया कहते हैं कि कई वषरें बाद अच्छी बर्फबारी देखने को मिली है, जो खेती व बागवानी के लिए शुभ संकेत है। फरवरी के अंतिम सप्ताह में बर्फवारी के कई लाभ होते हैं। एक तो प्राकृतिक जल स्रोत रिचार्ज हो जाते हैं, दूसरा फसलों में नमी के कारण उत्पादन बेहतर होता है और वनों में अच्छी हरियाली से पशुओं के लिए चारे की समस्या भी हल हो जाती है।
कब-कब हुई बर्फबारी
पुराने रिकार्डो पर नजर डालें तो 1996 में तीन बार बर्फवारी हुई थी, जिसमें पहला हिमपात 28 दिसंबर को तथा अंतिम हिमपात 20 फरवरी को हुआ था। इसके बाद वर्ष 1998 व वर्ष 2002 में दो बार बर्फवारी हुई थी। उसके बाद पिछले 8 वषरें में हल्की फुल्की बर्फबारी ही हुई और वर्ष 2011 में हिमपात ने पिछले सारे रिकार्ड ध्वस्त कर दिए।
तीन डिग्री पहुंचा पारा
चौथे भारी हिमपात ने छावनी बाजार का तापमान 3 डिग्री तक पहुंचा दिया। छावनी बाजार में कड़ाके की सर्दी होने से लोग घरों में दुबके रहे। दिन भर अंगीठियां सुलगती रहीं। जबकि क्षेत्र के स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई। वहीं, शीतलहर के चलते क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्र चहल पहल कम रही है
jagran.yahoo.com se sabhar

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...