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Tuesday, January 11, 2011

बर्फ से लकदक बगीचे दे रहे सुकून

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इन दिनों जिले में सभी ऊंचाई वाली फल पट्टियां बर्फ की चादर ओढ़े हुए हैं। बरसों बाद देखने को मिल रहा यह नजारा खासतौर पर सेब के लिए एकदम मुफीद है। सर्दियों के पतझड़ में सेब के पेड़ों को इस स्थिति से गुजरना बेहतर फसल के लिए जरूरी माना जाता है।
जनवरी के प्रथम सप्ताह में सेब के बागों में बर्फ देख सेब काश्तकारों के चेहरों पर चमक है। ऊंचाई वाले इलाकों में स्थित फल पट्टियों में लंबे समय बाद इस बार दिसंबर के अंतिम सप्ताह में बर्फबारी हो गई। इससे सेब सहित पतझड़ वाले फलों के लिए शीतमान ताप की जरूरत पूरी होती नजर आने लगी है। खासतौर पर ऊंचाई पर उगने वाली सेब की प्रजातियों के लिए इस ताप की जरूरत होती । फरवरी माह तक कुदरत ऐसी ही मेहरबान रही तो फलों के लिये बेहतर फ्लावरिंग होने के पूरे आसार हैं। जिले में हर्षिल, धराली व सुक्की, स्यौरी फल पट्टी, आराकोट व पर्वत क्षेत्र की फल पट्टियों में से अधिकांश बर्फ से लकदक हैं। मौसम एक बार फिर बर्फबारी के संकेत दे रहा है, जिससे शीतमान ताप की जरूरत पूरी होने की संभावना है। वर्ष 2008 व 09 में कम बर्फबारी के चलते यह जरूरत पूरी नहीं हो सकी थी। लिहाजा पेड़ों पर समय से पहले ही फ्लावरिंग होने से जिले में सेब व अन्य फलों के उत्पादन पर काफी बुरा असर पड़ा था। हालांकि बीते वर्ष फरवरी माह में पर्याप्त बर्फबारी व उसके बाद लगातार नम मौसम के चलते शीतमान ताप बरकरार रहा। समय पर फ्लावरिंग हुई और सेब का बंपर उत्पादन रहा। काश्तकार जयभगवान पंवार, धर्मेन्द्र सिंह, विजय सिंह, जगमोहन आदि ने बताया कि बीते सालों से उन्हें इस स्थिति का इंतजार था। यह बर्फबारी फसल के लिए अच्छे संकेत दे गई है।
क्या है शीतमान ताप
उत्तरकाशी: पतझड़ वाले पेड़ों के लिए सर्दियों में सात डिग्री से कम का तापमान जरूरी होता है। फलों की प्रजाति के अनुसार इसकी समयावधि भी भिन्न होती है। मसलन ऊंचाई पर उगने वाली सेब की डेलिशियस प्रजाति के लिये 12 सौ से 16 सौ घंटे का शीतमान ताप चाहिये। स्फर प्रजाति के लिए 800 से 1200 घंटे सात डिग्री से कम तापमान जरूरी है। आड़ू व खुमानी जैसे फलों के लिए भी आठ सौ घंटे का शीतमान ताप जरूरी होता है। घाटियों में उगने वाली सेब की अन्ना व ट्रापिकल जैसी प्रजातियों के लिये तीन सौ से चार सौ घंटे ही शीतमान ताप की जरूरत पड़ती है, इनके लिए बर्फबारी जरूरी नहीं है।
'ऊंचाई पर उगने वाले फलों के लिये यह स्थिति काफी बेहतर है। एक बार फिर मौसम बर्फबारी के संकेत दे रहा है, जिससे सेब व अन्य फलों के लिए ठंडक का ढाई महीने का जरूरी चक्र पूरा हो जाएगा'
in.jagran.yahoo.com se sabhar


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